गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) मूत्र में मौजूद रसायनों के अधिक सघन हो जाने से बनती है। जब शरीर में पानी कम होता है और कैल्शियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड जैसे तत्व ज्यादा मात्रा में जमा हो जाते हैं, तो ये क्रिस्टल बनाकर कठोर पथरी का रूप ले लेते हैं। पथरी का आकार रेत के दाने जितना छोटा या इतना बड़ा हो सकता है कि वह मूत्र के रास्ते को पूरी तरह बंद कर दे।
प्रमुख प्रकार
कैल्शियम स्टोन: सबसे आम, ऑक्सालेट या फॉस्फेट से बनती है।
यूरिक एसिड स्टोन: गाउट, डायबिटीज, मोटापा और अधिक प्रोटीन डाइट में पाई जाती है।
स्ट्रुवाइट स्टोन: बार-बार यूरिन इन्फेक्शन में, खासकर महिलाओं में।
सिस्टीन स्टोन: दुर्लभ, आनुवंशिक कारणों से।
सामान्य लक्षण
पीठ या कमर के एक तरफ तेज, लहरों में उठने वाला दर्द
पेट के निचले हिस्से और जांघ तक दर्द फैलना
पेशाब में जलन या खून
बार-बार पेशाब आना, मिचली, उलटी, बुखार
गंभीर मामलों में पेशाब का रुक जाना
जांच
अल्ट्रासाउंड – शुरुआती जांच
सीटी स्कैन (CT KUB) – पथरी का सही आकार और स्थान जानने के लिए सबसे सटीक
खून व 24 घंटे का यूरिन टेस्ट – पथरी बनने के कारणों का आकलन
उपचार
पथरी का इलाज उसके आकार, स्थान और प्रकार पर निर्भर करता है:
छोटी पथरी (≤6–7 मिमी):
अधिक पानी, दर्द निवारक दवाइयाँ और कुछ दवाओं से अपने-आप निकल सकती है।लेज़र लिथोट्रिप्सी (RIRS/URSL):
लेज़र से पथरी को तोड़कर निकालना – आज सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका।ESWL (शॉक वेव):
बाहर से तरंगों द्वारा पथरी को तोड़ना।PCNL / टनल सर्जरी:
बहुत बड़ी पथरी के लिए।यूरेटेरोस्कोपी:
मूत्रनली में फंसी पथरी को कैमरे से निकालना।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ?
असहनीय दर्द
पेशाब में लगातार खून
बुखार के साथ दर्द
एक ही जगह पर बार-बार पथरी बनना
पेशाब रुक जाना
समय पर सही इलाज से किडनी को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
डॉ. अनुज अरोड़ा, Urologist in Greater Noida, आधुनिक जांच और लेज़र तकनीक द्वारा किडनी स्टोन का सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रदान करते हैं।
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