गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) का दर्द बहुत तीव्र हो सकता है और इसे अक्सर रीनल कोलिक कहा जाता है। कई मरीज इस दर्द को अत्यधिक असहनीय बताते हैं, कुछ मामलों में प्रसव पीड़ा से भी अधिक। दर्द की तीव्रता और उसका स्थान पथरी के आकार, स्थिति और मूत्रमार्ग में उसकी गति पर निर्भर करता है।
गुर्दे की पथरी कितनी दर्दनाक होती है?
दर्द अचानक शुरू होता है और लहरों (ऐंठन) की तरह आता-जाता है।
यह कुछ मिनटों से लेकर घंटों तक बना रह सकता है।
जब पथरी मूत्र के प्रवाह को रोकती है, तो किडनी के आसपास दबाव बढ़ता है और आसपास की नसें सक्रिय होकर तेज दर्द का संकेत भेजती हैं।
हर व्यक्ति में दर्द की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है; कुछ को हल्का दर्द, तो कुछ को असहनीय पीड़ा होती है।
गुर्दे की पथरी का दर्द कहाँ-कहाँ हो सकता है?
पथरी किडनी से मूत्राशय तक मूत्रवाहिनी के रास्ते चलती है, इसलिए दर्द का स्थान बदलता रहता है:
पीठ और कमर: पसलियों के नीचे या एक तरफ तेज दर्द
पेट का निचला भाग: खासकर जब पथरी नीचे की ओर बढ़ती है
ग्रोइन / जांघ का अगला हिस्सा: दर्द फैल सकता है
अंडकोष (पुरुषों में): मूत्रवाहिनी के निचले हिस्से में पथरी होने पर
दायाँ या बायाँ हिस्सा: कभी-कभी अपेंडिक्स या आंतों के दर्द जैसा महसूस हो सकता है
मुख्य दर्द का पैटर्न
पथरी के किडनी से निकलकर मूत्रवाहिनी में अटकने पर सबसे तेज दर्द होता है।
दर्द अक्सर ऐंठन की तरह 10–30 मिनट के अंतराल में बढ़ता-घटता है।
जैसे-जैसे पथरी नीचे मूत्राशय की ओर जाती है, दर्द कमर से पेट और फिर ग्रोइन की तरफ खिसक सकता है।
निष्कर्ष:
गुर्दे की पथरी का दर्द बहुत तीव्र हो सकता है और उसका स्थान किडनी से लेकर कमर, पेट, जांघ और अंडकोष तक बदलता रहता है। दर्द की प्रकृति और क्षेत्र पथरी की स्थिति व मूत्रमार्ग में उसकी गति पर निर्भर करते हैं। समय पर जांच और सही उपचार से इस असहनीय दर्द और जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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