Book Appointment 09873427921

Book Your Consultation

किडनी स्टोन कैसे बनता है

किडनी स्टोन कैसे बनता है?

किडनी स्टोन (पथरी) तब बनता है जब पेशाब में मौजूद मिनरल और लवण (जैसे कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड) आपस में मिलकर कठोर क्रिस्टल या पथरी का रूप ले लेते हैं। यह मुख्य रूप से कम पानी पीने, ज्यादा नमक या एनिमल प्रोटीन खाने और कुछ खास अनुवांशिक या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होता है। 

इस लेख में जानिए कि किडनी स्टोन कैसे बनता है, इसके प्रमुख कारण क्या हैं, किन लोगों में इसका खतरा अधिक होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव के लिए कौन-सी सावधानियां अपनानी चाहिए.

किडनी स्टोन क्या होता है?

किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) एक कठोर (Hard) खनिज और लवण (Minerals & Salts) का जमाव होता है, जो किडनी के अंदर बनता है। सामान्य रूप से मूत्र में मौजूद खनिज घुलकर शरीर से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन जब उनकी मात्रा अधिक हो जाती है और मूत्र में पानी की मात्रा कम होती है, तो वे क्रिस्टल का रूप लेने लगते हैं।

समय के साथ ये छोटे-छोटे क्रिस्टल आपस में जुड़कर पथरी बन जाते हैं। पथरी का आकार रेत के कण जितना छोटा भी हो सकता है और कई बार यह काफी बड़ी भी हो सकती है। छोटी पथरी अपने आप मूत्र के साथ निकल सकती है, जबकि बड़ी पथरी के लिए उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है.

किडनी स्टोन कैसे बनता है?

किडनी स्टोन (गुर्दे की पथरी) एक दिन में नहीं बनता। यह धीरे-धीरे बनने वाली प्रक्रिया है, जिसमें मूत्र (Urine) में मौजूद कुछ खनिज और लवण आपस में मिलकर छोटे-छोटे क्रिस्टल (Crystals) बनाते हैं। समय के साथ ये क्रिस्टल एक-दूसरे से जुड़ते जाते हैं और पथरी का रूप ले लेते हैं।

किडनी स्टोन बनने की प्रक्रिया को आसान भाषा में इस तरह समझा जा सकता है—

1. मूत्र में खनिजों की मात्रा बढ़ना

सामान्य रूप से मूत्र में कैल्शियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड और अन्य खनिज घुले रहते हैं। लेकिन जब इनकी मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है, तो इनके क्रिस्टल बनने लगते हैं।

2. शरीर में पानी की कमी (Dehydration)

यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो मूत्र गाढ़ा (Concentrated) हो जाता है। ऐसे में खनिज आसानी से घुल नहीं पाते और आपस में चिपककर छोटे-छोटे क्रिस्टल बनाने लगते हैं। यही कारण है कि डिहाइड्रेशन किडनी स्टोन बनने के सबसे बड़े कारणों में से एक माना जाता है।

3. क्रिस्टल का धीरे-धीरे बड़ा होना

शुरुआत में बने छोटे क्रिस्टल समय के साथ एक-दूसरे से जुड़ते रहते हैं। यदि वे मूत्र के साथ बाहर नहीं निकलते, तो उनका आकार धीरे-धीरे बढ़कर पथरी (Stone) बन जाता है।

4. पथरी का किडनी या मूत्र मार्ग में फंस जाना

जब पथरी बड़ी हो जाती है या किडनी से निकलकर यूरेटर (Ureter) में पहुंच जाती है, तो यह मूत्र के प्रवाह में रुकावट पैदा कर सकती है। इसी समय मरीज को अचानक तेज कमर दर्द, पेट में दर्द, पेशाब में जलन, खून आना या बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

किडनी स्टोन बनने के मुख्य कारण

Confused About Your Symptoms? Get Expert Advice Today.

Book an appointment with Dr. Anuj Arora or connect instantly on call.

Confused About Your Symptoms? Get Expert Advice Today.

Book an appointment with Dr. Anuj Arora or connect instantly on call.

किडनी स्टोन बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ कारण हमारी जीवनशैली से जुड़े होते हैं, जबकि कुछ स्वास्थ्य समस्याएं और आनुवंशिक (Genetic) कारक भी इसका जोखिम बढ़ा सकते हैं।

1. पर्याप्त पानी न पीना

पानी कम पीने से मूत्र गाढ़ा (Concentrated Urine) हो जाता है, जिससे कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड जैसे खनिज आसानी से क्रिस्टल बनाकर पथरी का रूप ले सकते हैं। यही किडनी स्टोन बनने का सबसे सामान्य कारण माना जाता है।

2. अधिक नमक (Salt) का सेवन

अत्यधिक नमक खाने से मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे कैल्शियम स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है।

3. ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन

पालक, चुकंदर, चॉकलेट, चाय, नट्स और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों में ऑक्सालेट अधिक मात्रा में होता है। यदि इनका सेवन अधिक किया जाए और पर्याप्त पानी न पिया जाए, तो कुछ लोगों में किडनी स्टोन बनने का जोखिम बढ़ सकता है।

4. अधिक पशु प्रोटीन (Animal Protein)

रेड मीट, चिकन, मछली और अन्य पशु प्रोटीन का अत्यधिक सेवन शरीर में यूरिक एसिड बढ़ा सकता है, जिससे यूरिक एसिड स्टोन बनने की संभावना बढ़ सकती है।

5. मोटापा (Obesity)

अधिक वजन या मोटापा शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे मूत्र की रासायनिक संरचना बदल सकती है और किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ सकता है।

6. कुछ स्वास्थ्य समस्याएं

कुछ बीमारियों में किडनी स्टोन बनने की संभावना अधिक होती है, जैसे—

  • मधुमेह (Diabetes)

  • हाई ब्लड प्रेशर

  • हाइपरपैराथायरायडिज्म (Hyperparathyroidism)

  • बार-बार होने वाला यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)

  • गाउट (Gout)

  • क्रॉनिक किडनी संबंधी समस्याएं

7. पारिवारिक इतिहास (Family History)

यदि परिवार में किसी सदस्य को पहले किडनी स्टोन हो चुका है, तो अन्य लोगों में भी इसका जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है।

8. कुछ दवाएं और सप्लीमेंट्स

कुछ दवाओं, अधिक मात्रा में कैल्शियम या विटामिन C सप्लीमेंट्स का लंबे समय तक सेवन भी कुछ लोगों में किडनी स्टोन बनने की संभावना बढ़ा सकता है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

किडनी स्टोन के लक्षण क्या हैं?

किडनी स्टोन के लक्षण उसके आकार (Size), स्थान (Location) और इस बात पर निर्भर करते हैं कि वह मूत्र मार्ग में रुकावट पैदा कर रहा है या नहीं। छोटी पथरी कई बार बिना किसी लक्षण के मूत्र के साथ बाहर निकल सकती है, जबकि बड़ी पथरी तेज दर्द और अन्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

किडनी स्टोन के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं—

  • कमर या पीठ के एक तरफ अचानक तेज दर्द

  • पेट के निचले हिस्से या ग्रोइन (Groin) तक फैलने वाला दर्द

  • पेशाब करते समय दर्द या जलन

  • बार-बार पेशाब आने की इच्छा

  • पेशाब में खून आना (Hematuria)

  • पेशाब का धुंधला या बदबूदार होना

  • मतली (Nausea) या उल्टी होना

  • बेचैनी महसूस होना और एक जगह बैठने में कठिनाई

  • बुखार और ठंड लगना (यदि संक्रमण भी हो)

कब यह मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है?

यदि किडनी स्टोन के साथ निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए—

  • असहनीय और लगातार बढ़ता हुआ दर्द

  • तेज बुखार या ठंड लगना

  • पेशाब बिल्कुल बंद हो जाना

  • पेशाब में अधिक मात्रा में खून आना

  • लगातार उल्टी होने के कारण पानी न पी पाना

ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिलने पर किडनी को नुकसान पहुंचने या संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है।

किडनी स्टोन से बचाव कैसे करें?

हालांकि हर प्रकार की किडनी स्टोन को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर इसका खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। यदि आपको पहले कभी किडनी स्टोन हो चुका है, तो ये उपाय दोबारा पथरी बनने के जोखिम को भी कम करने में मदद कर सकते हैं।

1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं

दिनभर पर्याप्त पानी पीने से मूत्र पतला (Dilute) रहता है, जिससे खनिज और लवण जमा नहीं होते और पथरी बनने का खतरा कम हो जाता है। सामान्यतः स्वस्थ वयस्कों को दिनभर में लगभग 2.5–3 लीटर तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है, हालांकि यह व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और मौसम के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

2. नमक का सेवन सीमित रखें

अधिक नमक खाने से मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अत्यधिक नमकीन और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।

3. संतुलित आहार अपनाएं

फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें। संतुलित आहार किडनी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।

4. अधिक चीनी और जंक फूड से बचें

मीठे पेय, प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड का अधिक सेवन कुछ लोगों में किडनी स्टोन बनने के जोखिम को बढ़ा सकता है। इन्हें सीमित मात्रा में लेना बेहतर होता है।

5. स्वस्थ वजन बनाए रखें

मोटापा किडनी स्टोन का एक जोखिम कारक है। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से स्वस्थ वजन बनाए रखने का प्रयास करें।

6. डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराएं

यदि आपको पहले किडनी स्टोन हो चुका है या बार-बार पथरी बनती है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर जांच कराना और आवश्यक उपचार लेना महत्वपूर्ण है। इससे दोबारा पथरी बनने के कारणों की पहचान की जा सकती है।

किडनी स्टोन होने पर डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

किडनी स्टोन की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार छोटी पथरी अपने आप मूत्र के साथ निकल जाती है, लेकिन यदि पथरी बड़ी हो या मूत्र मार्ग में रुकावट पैदा कर रही हो, तो समय पर इलाज जरूरी होता है।

आपको डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए यदि—

  • कमर, पेट या बाजू में तेज और लगातार दर्द हो।

  • पेशाब में खून दिखाई दे।

  • पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द हो।

  • बार-बार पेशाब आने की इच्छा हो, लेकिन पेशाब कम आए।

  • बुखार, ठंड लगना या यूरिन इंफेक्शन के लक्षण हों।

  • मतली या उल्टी के साथ तेज दर्द हो।

  • एक या दोनों किडनी में पहले से पथरी का इतिहास हो।

  • दर्द की दवाओं से भी आराम न मिले।

समय पर जांच और उचित उपचार से किडनी को होने वाले नुकसान और अन्य जटिलताओं से बचा जा सकता है। यदि किडनी स्टोन के लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं दवा लेने के बजाय यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना बेहतर होता है।

निष्कर्ष

किडनी स्टोन एक सामान्य लेकिन दर्दनाक समस्या है, जो तब बनती है जब मूत्र में मौजूद खनिज और लवण आपस में मिलकर क्रिस्टल बनाते हैं और धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं। पर्याप्त पानी न पीना, अधिक नमक का सेवन, असंतुलित खान-पान और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। सही जीवनशैली अपनाकर और समय-समय पर आवश्यक जांच कराकर किडनी स्टोन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

यदि आपको बार-बार किडनी स्टोन बन रहा है, तेज कमर दर्द, पेशाब में खून या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो समस्या को नजरअंदाज न करें। ग्रेटर नोएडा के अनुभवी यूरोलॉजिस्ट, डॉ. अनुज अरोड़ा से परामर्श लेकर समय पर सही जांच और उपचार कराना भविष्य में होने वाली जटिलताओं से बचने का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। 

किडनी स्टोन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या हर किडनी स्टोन का ऑपरेशन करना पड़ता है?

नहीं। सभी किडनी स्टोन के लिए ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होती। छोटी पथरी कई बार अपने आप निकल सकती है, जबकि बड़ी या जटिल पथरी के लिए डॉक्टर दवाओं या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

2. क्या किडनी स्टोन अपने आप निकल सकता है?

हाँ। छोटी किडनी स्टोन कई बार पर्याप्त पानी पीने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लेने पर मूत्र के साथ अपने आप निकल सकती है। बड़ी पथरी के लिए उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

3. किडनी स्टोन कितने दिन में ठीक हो जाता है?

यह पथरी के आकार, स्थान और उपचार के प्रकार पर निर्भर करता है। छोटी पथरी कुछ दिनों या हफ्तों में निकल सकती है, जबकि बड़ी पथरी के इलाज में अधिक समय लग सकता है।

4. क्या किडनी स्टोन दोबारा हो सकता है?

हाँ। यदि पर्याप्त पानी न पिया जाए, खान-पान में सुधार न किया जाए या पथरी बनने के कारणों का इलाज न हो, तो किडनी स्टोन दोबारा बनने की संभावना रहती है।

5. किडनी स्टोन में कौन-सा पानी पीना चाहिए?

सामान्य साफ और सुरक्षित पीने का पानी पर्याप्त होता है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से मूत्र पतला रहता है, जिससे पथरी बनने का खतरा कम हो सकता है।

6. क्या किडनी स्टोन में दूध पी सकते हैं?

हाँ। अधिकांश लोगों के लिए सीमित मात्रा में दूध और प्राकृतिक कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ सुरक्षित होते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के कैल्शियम पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए।

7. किडनी स्टोन में कौन-से फल खाना फायदेमंद होते हैं?

पानी की अधिक मात्रा वाले फल जैसे तरबूज, खरबूजा, संतरा और नींबू का सेवन लाभदायक हो सकता है। हालांकि, आहार का चुनाव पथरी के प्रकार और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।

8. क्या किडनी स्टोन से किडनी खराब हो सकती है?

यदि बड़ी पथरी लंबे समय तक मूत्र के प्रवाह में रुकावट पैदा करे या संक्रमण का कारण बने, तो इससे किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए समय पर इलाज कराना जरूरी है।

9. क्या बच्चों को भी किडनी स्टोन हो सकता है?

हाँ। हालांकि यह वयस्कों की तुलना में कम होता है, लेकिन बच्चों में भी किडनी स्टोन हो सकता है। इसके पीछे आनुवंशिक कारण, कम पानी पीना या कुछ चिकित्सीय स्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं।

10. किडनी स्टोन दोबारा बनने से कैसे बचें?

पर्याप्त पानी पिएं, संतुलित आहार लें, नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित रखें, स्वस्थ वजन बनाए रखें और यदि पहले किडनी स्टोन हो चुका है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच कराएं।

संबंधित ब्लॉग 
संबंधित उपचार 

Urological and andrological care come hand in hand with precision and compassion. Dr. Anuj Arora is a renowned urologist in Greater Noida with more than 13+ years of experience and service.

Follow Us

Get In Touch

Max Super Speciality Hospital

Sector-27, G-42, The Royal Golf plaza The CliniCare, adjoining Godrej Golf links society, Greater Noida, Uttar Pradesh 201306

anuj890810@gmail.com

09873427921

Get In Touch

The CliniCare

G-42, ROYAL GOLF PLAZA , Sector 27, Greater Noida, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh, 201306 NEAR DELTA 1 METRO STATION

anuj890810@gmail.com

09873427921

© Dr. Anuj Urologist. All Rights Reserved.